श्री गायत्री जी की आरती के बोल ||Lyrics of Shri Gayatri Ji's Aarti


श्री गायत्री जी की आरती के बोल ||Lyrics of Shri Gayatri Ji's Aarti






https://www.youtube.com/watch?v=g0OZJoQFJjk





ज्ञानदीप और श्रद्धा की बाती,
सो भक्ति ही पूर्ती करै जहं घी की|






आरती श्री गायत्री जी की|
मानस की शुचिथाल के ऊपर,
देवी की जोति जगै, जहं नीकी|
आरती श्री गायत्रीजी की।





शुद्ध मनोरथ के जहां घण्टा,
बाजें करें पूरी आसहु ही की |
आरती श्रीगायत्री जी की|






जाके समक्ष हमें तिहूँ लोक कै,
गद्दी मिलै तबहूं लगै फीकी ||
आरती श्रीगायत्री जी की|






संकट आवैन पास कबी तिन्हें,
सम्पदा औ सुख की बनै लीकी |
आरती श्रीगायत्री जी की|





आरती प्रेमसो नेम सों करि,
ध्यावहिं मूरति ब्रह्म लली की|
आरती श्री गायत्री जी की|






(समाप्त)


0 टिप्पणियाँ