श्री हनुमानजी की आरती गीत के बोल ||Lyrics of shree hanuman ji aarti


श्री हनुमानजी की आरती गीत के बोल ||Lyrics of shree hanuman ji aarti






https://www.youtube.com/watch?v=r7GJ8GoGSD8
श्री हनुमानजी की आरती





आरती कीजे हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांके।
अंजनी पुत्र महा बलदाई, संतन के प्रभु सदा सहाई।
दे वीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाई।
लंका सी कोट समुद्र सीखाई, जात पवन सुत बार न लाई।
लंका जारि असुर सब मारे, राजा राम के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित परे धरनिपे, आनि संजीवन प्राण उबारे।
पैठि पाताल तोरियम कारे, अहिरावन की भुजा उखारे।
बाएं भुजा सब असुर संहारे, दाहिनी भुजा सबसन्त उबारे।
आरती करत सकल सुर नर नारी, जय जय जय हनुमान उचारी।
कंचन थार कपूर की बाती, आरती करत अंजनी माई।
जो हनुमानजी की आरती गावै, बसि बैकुण्ठ अमर फल पावै।


0 टिप्पणियाँ