फिल्मः धरती की गोद में
संगीतः सोनिक ओमी
गीतः हसरत
स्वर : महेन्द्र कपूर
अरे धरती की गोद में भाई रे
देश तेरा भगवान है तू सुन ले नवजवान
इस माटी में प्यार भरा है मेरा हिन्दुस्तान
ओ बंधु रे...प्यार के बीज बिछा ले
अरे धरती की गोद में भाई रे
धरती की गोद में...
बोले रे ये सूने-सूने यह खेत तुझे बोलें
तू इसमें धान उगा
मांगे रे तेरी मेहनत यह देश तेरा मांगे
तू इस पे जान लड़ा
कुछ काम तो कर ले हो...हो
फिर झोली भर ले हो...हो
ओ मितवा रे...जीवन को स्वर्ग बना ले
अरे धरती की गोद में भाई रे
धरती की गोद में...
भारत की धरती है प्यारी
दिल इसी से लगा ले
सब कुछ है राहों में तेरी
जो भी चाहे सो पा ले
जरा शान पे इसकी हो...हो
चल तान के सीना हो...हो
ओ यार मेरे तू हिन्द के नाज उठा ले
अरे धरती की गोद में भाई रे
धरती की गोद में...
सुन ले कि जिसने जिन्दगी लुटाई अपने देश पे
वह लालबहादुर है, गांधी है, नेहरू है
सुन ले कि अपना मजहब ही प्यार है जहान है
कि हम सब एक हैं
एक हैं, एक हैं
ये रिश्ते नाते हो...हो
अरे जन्म जन्म के हो...हो
ओ साथी रे तू अपने ख्वाब सजा ले
अरे धरती की गोद में...
0 टिप्पणियाँ