जवानी मां पर वारो रे गाने के बोल


फिल्मः वीर छत्रसाल
गीतः बालकवि वैरागी
संगीतः एस.एन. त्रिपाठी
स्वर : मन्नाडे





जवानी मां पर वारो रे






जगा रहे घनघोर नगाड़े बुला रही रणभेरी
शायद जननी पर संकट है करो नहीं पल भर देरी
धधकते जलते अंगारे, ओ आजादी के रखवारे
जवानी मां पर वारो रे, जवानी मां पर वारो रे...






उबलता लहू आजमाओ, मचलता जोश आजमाओ
उठो दुश्मन को मारो रे, जवानी मां पे वारो रे...
शस्य श्यामला मां ने तुमको पाला पोसा है...
सिर्फ तुम्हारे ही बाजू का उसे भरोसा है
मां की कोख उजागर कर दो अवसर आया
साबित कर दो उसने तुमको दूध पिलाया है
वतन से कितना लेते हैं, वतन को कितना देते हैं
जरा तो कर्ज उतारो रे, जवानी मां पे वारो रे






धधकते जलते अंगारे






जय कुलदेवी विंध्यवासिनी जय हो रण ज्वाला
जय-जय बुंदेले जवां प्रबल खड्ग पे उठा दिया मैदान
शत्रु का सिंहासन डोला गरजकर जब नाहर बोला
रुधिर में खड्ग संवारो रे, जवानी मां पे वारो रे






आज सिर को हथेली पे लेकर जब बांका टूटा
बुंदेली तलवार से बैरी एक नहीं छूटा
बढ़ा जिधर भी वीर जुझारा हाहाकार उठा
छत्रसाल में महाकाल का बल हुंकार उठा
खट्ट खटाखट सुभट्ट भट्ट ने बैरी को काटा
युद्ध-भूमि में खींच दिया मरघट का सन्नाटा
चुटकी में तोपों ने जलते शीशे फाड़ दिए
दुश्मन की छाती पर अपने झण्डे गाड़ दिए





जवानी मां पर वारो रे


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