गाते गीत अमन के
एक ही हमारी राहें और एक है हमारा आज गान
चाहे लाख तूफान आए रहेंगे एक सब जहां के नौजवां
हर एक देश और हर जाति
जवानों के ही दम से जगमगाती
गा रहे हैं नौजवां
बनाओ इक नया जहां
कि जिसमें हो न जुल्म का निशां
गाते गीत अमन के बढ़े चलो.
अपनी आन के लिए लड़े चलो.
हम हैं जवां हम चले तो साथ चलते हैं जमीनो आसमां
गाते गीत अमन के बढ़े चलो.
अपनी आन के लिए लड़े चलो.
एक है हमारी आज आशा और एक ही हमारा अरमां
कोई देश हो या कोई भाषा पर समझते हैं दिलों की हम जुबां
हम एक जात-पात को ही मानें हम फर्क ऊंच नीच का न जानें
गा रहे हैं नौजवां
बनाओ इक नया जहां
कि जिसमें हो न जुल्म का निशां
गाते गीत अमन के बढ़े चलो.
अपनी आन के लिए लड़े चलो.
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