पल पल दिल के पास गाने के बोल हिंदी में - Pal Pal Dil Ke Paas By Arijit Singh Lyrics in Hindi
Movie/Album: पल पल दिल के पास (2019)
Music By: सचेत-परंपरा
Lyrics By: सिद्धार्थ-गरिमा
Performed By: अरिजीत सिंह, परंपरा ठाकुर, सचेत टंडन, पलक मुछाल
Best Of Arijit Singh Songs Lyrics In Hindi
रहणा तू पल पल दिल के पास
जुड़ी रहे तुझसे हर इक साँस
खुद पे पहले ना इतना यकीं
मुझको हो पाया
मुश्किल सी घड़ियाँ आसाँ हुई
अब जो तू आया
इक बात कहूँ तुझसे
तू पास है जो मेरे
सीने से तेरे सर को लगा के
सुनती मैं रहूँ नाम अपना
सीने से तेरे सर को लगा के
सुनती मैं रहूँ नाम अपना
ओ लिखदी तेरे ना जिन्दड़ी जानिये
बस रहणा तेरे नाल वे ज़ुरिये
रहणा तू पल पल दिल के पास
जुड़ी रहे तुझसे हर एक साँस
सीने से तेरे सर को लगा के
सुनता मैं रहूँ नाम अपना
ओ नाम अपना
नाल तेरे इक घर मैं सोचाँ
बारी खोला ते चन्न दिख जावे
अक्खाँ'च बितन राताँ सरियाँ
जे मन लागे ते अख ना लागे
प्यार ही ओढ़ें ते प्यार ही खाणा
विच कोई आवे त प्यार ही आणा
दुनिया दे विच असी दुनिया तो दूर
हुण नाल तेरे मेरा हर सपना
सीने से तेरे सर को लगा के...
तेरी उँगलियों से आसमाँ पे
खींचू इक लम्बी लकीर
आधा तेरा आधा मेरा
इस जहां में हम दो अमीर
कोई नज़र ना आये मेनू
तू दुणिया तो वखरी हो गयी
उठ्ठा तैनू तकदा जावाँ
तू ही मेरी नौकरी हो गयी
कोई नज़र ना आये मेनू
तू दुनिया तो वखरी हो गयी
उठ्ठा तैनू तकदा जावाँ
तू ही मेरी नौकरी हो गयी
दूरियाँ इक पल भी ना गवारा हो
चल घुमे दुनिया तेरे संग आवारा हो
सीने से तेरे सर को लगा के...
रहना तू पल पल दिल के पास
जुड़ी रहे तुझसे हर इक साँस
सेलिब्रेशन
फलक ते दरिया दा, लाया संग तेरा
तेरे नैणा विच पाया मैं ते डेरा
तेरी बाहों दा चोला मैंने ओढ़ा
वे हथ चूड़ा ते पाया लाल जोड़ा
बाहों को तेरी घर में बना लूँ
एक प्यार ही काम हो अपना
सीने से तेरे सर को लगा के
सुनता रहूँ नाम मैं अपना
जन वरगा तेरे मुखड़ा
वखरा सब तों नखरा
तुप विचा जावाँ तेरे मुखड़ा
अक्ख ना छड्ड तेनु तकणा
तेरी अक्खाँ विच वसणा
तेरा हस्सा मैं हसणा
रखणा तेरे साम साम मैं रखणा
तू ना बोले मैं सुन लूँ
बातों के रेशम बुन लूँ
सपने तेरे संग ते अंख में जगणा
सीने से तेरे सर को लगा के
रहणा तू पल पल...
तुझे ढूँढता हूँ
तेरी आँखों में खो कर
अपना हुआ मैं
इक तेरा ही हो कर
हर पहर विच तेरी
मेरी बातों में बीते
हर सहर गुज़ारूँ
तेरी खुशबू में जीते
तू ही मेरी शाम दुपहरी
घड़ियाँ मेरी तुझतों चल दी
एक मिंट न तेनु छडना
खबरां रक्खां पल पल दी
तू ना बोले मैं...
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